छत्तीसगढ़राज्य

धर्मांतरण स्वतंत्रता विधेयक 2026 कानून का गांड़ा समाज ने किया स्वागत और समर्थन

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धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए ऐतिहासिक है धर्मांतरण स्वतंत्रता विधेयक 2026 – सावित्री

रायपुर । उत्कल गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने आज छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा लाए धर्मांतरण स्वतंत्रता विधेयक 2026 को लेकर प्रेस वार्ता लिया और उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित धर्मांतरण स्वतंत्रता विधेयक 2026 एक ऐतिहासिक कदम है, जिसमें अब महामहिम राज्यपाल महोदय ने भी अपना हस्ताक्षर कर दिया है। धर्मांतरण स्वतंत्रता विधेयक 2026 कानून का गांड़ा समाज समर्थन करता है। इस कानून के आने से प्रदेश में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी।

श्रीमती जगत ने कहा पिछले कुछ वर्षों में गांवों एवं शहरों की झुग्गी-बस्तियों में गरीब, भोले-भाले लोगों को गुमराह करते हुए उनके मूल धर्म और संस्कृति से परिवर्तित कर उन्हें धर्मांतरित किया जा रहा था। इससे गरीबों का शोषण, सामाजिक असंतुलन और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो रहा था।

श्रीमती सावित्री जगत ने इस कानून का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को इस निर्णय के लिए हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह कानून गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों की धर्म संस्कृति की रक्षा करेगा ।

श्रीमती जगत ने कहा हम झुग्गी-बस्तियों में जाकर इस कानून का प्रचार करेंगे ताकि गरीब लोग अपने अधिकारों को समझ सकें, कोई उन्हें गुमराह न कर सके। इसके लिए जागरूकता रैलियाँ, गोष्ठियाँ, पंपलेट वितरण और नुक्कड़ सभाएँ आयोजित की जाएगी।

श्रीमती सावित्री जगत ने कहा “छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। हम सब मिलकर इस कानून को जमीनी स्तर पर सफल बनाएंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय की नई मिसाल पेश कर रहा है।”

आज के प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से श्रीमती सावित्री जगत, किशोर महानद, बसंत बाग, बनमाली छूरा, आशीष तांडी, प्रीति सागर, हेमा सागर, मेनका बघेल आदि गांड़ा समाज के सदस्य उपस्थित थे।

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