छत्तीसगढ़

रफ्तार वेलफेयर फाउंडेशन के कार्यक्रम में बच्चों को मिली स्कॉलरशिप व मार्गदर्शन, अलीशेर राईन ने मां के संघर्ष और शिक्षा को बताया सफलता की नींव

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17 अक्टूबर 2026 को Human Welfare Foundation के कार्यक्रम Raftaar Welfare Foundation के अंतर्गत जरूरतमंद एवं अनाथ बच्चों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चों को स्कॉलरशिप राशि प्रदान करने के साथ उनके भविष्य, शिक्षा और करियर को लेकर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी काउंसलिंग की गई।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें सेवानिवृत्त IRS अधिकारी, Council of Science से जुड़े वैज्ञानिक, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं व्यवसायी शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने बच्चों को शिक्षा, करियर, आत्मनिर्भरता और जीवन में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम में Mohalla Medical के Director, Alisher Rayeen ने भी बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में विशेष रूप से एक मां के संघर्ष, त्याग और बच्चे का भविष्य बनाने में उसकी भूमिका पर बात की।

अलीशेर राईन ने अपने जीवन का उदाहरण साझा करते हुए अपनी मां आसमा बेगम के संघर्ष और त्याग को याद किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों और अनेक परेशानियों के बावजूद उनकी मां ने उनकी शिक्षा से कभी समझौता नहीं किया और लगातार उन्हें पढ़ने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आज उनका स्टार्टअप DPIIT-registered है, NIT Raipur Foundation for Innovation & Entrepreneurship (NITRRFIE) में incubated है और दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ में कार्य कर रहा है। आने वाले समय में इसे देश के अन्य हिस्सों तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने अपनी इस पूरी यात्रा का सबसे बड़ा श्रेय अपनी मां आसमा बेगम को दिया।

अलीशेर राईन ने कहा, “अगर मुझे अपनी आज की पूरी यात्रा और उपलब्धियों का श्रेय एक व्यक्ति को देना हो, तो वह मेरी मां हैं। अगर उन्होंने गरीबी और मुश्किलों से लड़कर मुझे पढ़ाया नहीं होता और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित नहीं किया होता, तो शायद आज मैं यहां खड़ा नहीं होता।”

कार्यक्रम में उपस्थित माताओं और अभिभावकों से उन्होंने विशेष अपील करते हुए कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें। परिवार को कुछ समय के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन केवल तात्कालिक आमदनी के लिए बच्चे की पढ़ाई बीच में छुड़वा देना उसके भविष्य के अवसरों को सीमित कर सकता है।

उन्होंने कहा, “जरूरत पड़े तो नए कपड़े थोड़े कम खरीदिए, खर्चों में थोड़ी कटौती करिए, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी ईमानदारी से करवाइए। उन्हें बड़े सपने देखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करिए। शिक्षा ही वह ताकत है जो एक परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के साथ बच्चे को समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने योग्य बना सकती है।”

अपने संबोधन के अंत में अलीशेर राईन ने अपनी मां को समर्पित करते हुए कहा, “आज मैं आपके सामने जो कुछ भी हूं, वह मेरी मां की कमाई है। आज यहां मेरे लिए जितनी तालियां बजीं और जितना सम्मान मुझे मिला, मैं वह सब अपनी मां को समर्पित करता हूं। मेरी कामना है कि एक दिन आपके बच्चे भी आपको इसी तरह गर्व और सम्मान का अनुभव कराएं।”

उनके इस भावनात्मक संदेश को कार्यक्रम में मौजूद बच्चों, माताओं, अभिभावकों और अन्य अतिथियों ने सराहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आर्थिक सहायता देने के साथ उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा।

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