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गुरु तेगबहादुर 350वीं शहीदी यात्रा का राजधानी में जोरदार स्वागत

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रायपुर। सिक्खों के नौवें गुरु गुरु श्री तेगबहादुर के 350वें शहीदी शताब्दी दिवस पर असम के धुबड़ी साहिब से निकली नगर कीर्तन यात्रा के आगमन पर शनिवार को राजधानी रायपुर में जोरदार स्वागत किया गया। इस यात्रा के स्वागत के लिए पूरे शहर में कई प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों व प्रतिष्ठानों के सामने विशाल मंच तैयार किए गए थे, जहां से शोभायात्रियों पर फूल बरसाए गए। वहीं बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन पर गुरुवाणी कीर्तन अनवरत चलता रहा। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने बताया, रायपुर के विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधि और सिक्ख संगठनों के पदाधिकारियों सहित पूरे शहर के सर्व समाज प्रमुखों की ओर से इस नगर कीर्तन शहीदी यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। बरगढ़, सरायपाली, बसना, पिथौरा, झलप, महासमुंद होते हुए इस यात्रा का आगमन आज रायपुर में हुआ। जगह-जगह सिक्ख समूह साध संगत ने भव्य स्वागत कर प्रसाद बांटा गया।

** छेरीखेड़ी के मंच से सीएम साय ने किया स्वागत

इस यात्रा का संचालन एसजीपीसी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया जा रहा है। 20 वाहनों में दो सौ श्रद्धालुओं के साथ यह यात्रा शाम 6.30 बजे छेरीखेड़ी पहुंची, जहां यात्रा का स्वागत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की साध-संगत ने किया। यहां मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी पर मत्था टेका। वे काफी समय तक यहां ठहरे रहे। इस अवसर पर उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सिरोपा भेंट किया गया। आयोजन समिति की ओर से अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंग छाबड़ा, बलदेव सिंग भाटिया ने भी उन्हें कृपाण व सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, संजय श्रीवास्तव, लोकेश कावडिय़ा के अलावा गणमान्य जन सम्मिलित थे। आयोजन समिति के प्रमुख बलदेव सिंग भाटिया व जगजीत सिंग खनूजा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, वरिष्ठ भाजपा नेता मनमोहन सिंग चावला, बिलासपुर से अमरजीत सिंग दुआ, हरमीत सिंग होरा भी मंचासीन थे। इस दौरान उपस्थित सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों का भी सम्मान मुख्यमंत्री श्री साय ने सिरोपा देकर किया। मुख्यमंत्री श्री साय व आरएसएस के सरसंघचालक पुर्णेन्दु सक्सेना ने इस अवसर पर गुरुजी के जीवन दर्शन व शौर्य गाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शहादत को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी शहीदी यात्रा के आगमन-अभिनंदन का अवसर मिला, जो कि हम सबका परम सौभाग्य है।

** कई प्रांतों से होकर यह यात्रा 21 नवंबर को पहुंचेगी केसगढ़ पंजाब

धर्म की चादर कहे जाने वाले सिक्खों के 9वें गुरु श्री गुरु तेगबहादुर की शहादत के 350 साल पूरे होने पर उनकी बहादुरी और बलिदान की जानकारी और देशवासियों को प्रेरणा देने के लिए यह यात्रा प्रारंभ हुई है। यह यात्रा असम से आरंभ होकर देश के विभिन्न प्रांतों से होकर गुजरेगी। 21 अगस्त से प्रारंभ हुई शहीदी नगर कीर्तन यात्रा का समापन 21 नवंबर को पंजाब के केसगढ़ साहिब में होगा। छेरीखेड़ी से रवाना होकर यह यात्रा भव्य रूप में वीआईपी रोड से पुन: प्रारंभ हुई, जिसका संचालन भाई तारूसिंघ स्टडी सर्कल के भाई त्रिलोचन सिंग काले व सेवादारों ने किया। हाथी, घोड़े, ऊंट, बाजे-गाजे व छत्तीसगढ़ी संस्कृति की भव्य झांकी के साथ यह यात्रा नगर भ्रमण करती हुई देर रात टाटीबंध गुरुद्वारा पहुंची।

** इन संगठन-संस्थानों ने किया भव्य स्वागत

वीआईपी चौक में बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने, मरीन ड्राइव में छत्तीसगढ़ सिक्ख संगठन ने, जीई रोड में दशमेश सेवा सोसायटी के प्रीतपाल सिंग होरा, परमिंदर सिंग भाटिया, बॉबी होरा के नेतृत्व में, रायपुर ग्रीन के सामने जीई रोड में सिक्ख साध संगत ग्रुप से मनिंदर सिंग सलूजा, राजू होरा, अमित बग्गा, जसपाल खेरा, हरविंदर खंडूजा, छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज महिला विंग अध्यक्ष अन्नू होरा व पूरी महिला विंग ने, शास्त्री चौक में होरा परिवार ने, जयस्तंभ चौक में करीब साढ़े तीन सौ विप्रजनों ने अनिल दुबे के नेतृत्व में भव्य स्वागत के साथ प्रसाद वितरण किया गया।

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