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प्रधानमंत्री जनमन योजना ने बदली सुदूर वनांचल ग्राम सरई की तस्वीर

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मुख्यमार्ग से जुड़कर सड़क रास्तों से सरई ग्राम तक पहुंच रहा विकास

रायपुर, कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल और बैगा बाहुल्य क्षेत्र जो कभी सड़कों के आभाव में विकास से वंचित थे अब वहां विकास की नई किरण पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत अब ऐसे दुर्गम ग्राम भी सड़क मार्ग से जुड़ रहे हैं, जहां पहले पहुंचना बेहद कठिन था। जिले के बोड़ला विकासखंड के सरई गांव तक वर्तमान में सड़क का निर्माण पूरा किया गया है।

इस सड़क निर्माण से यहां रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति 51 बैगा परिवारों के 371 सदस्यों को मुख्यमार्ग तक पहुंच सुनिश्चित हुई है। पहले यहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाता था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। बारिश के मौसम में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी। अब सड़क बनने से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गयी है। एंबुलेंस गांव तक पहुंच जाती है, जिससे आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिल पा रही है। बच्चों को स्कूल, किसानों को बाजार और ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं के लिए अब शहर जाना आसान हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से गांव में विकास की नई संभावनाएं खुल गई हैं। अब वाहन सीधे गांव तक आ सकते हैं, जिससे कृषि उपज की बिक्री में सुविधा हो रही है। महिलाएं भी बाजार या स्वास्थ्य केंद्र पहुंच सुगम हो रही हैं। वे बताती हैं कि पहले सड़क नहीं थी तो शहर जाने में आधा दिन लग जाता था। अब 15 मिनट में सड़क तक पहुंच जाते हैं। बच्चे स्कूल आसानी से जा पा रहे हैं और मरीजों को तुरंत एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। ये हमारे जीवन के लिए बहुत बड़ा बदलाव है।

जनमन योजना ने वनांचल वासियों के जीवनधारा बदली है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत यह सड़क निर्माण कार्य न सिर्फ भौगोलिक दूरी मिटा रही है बल्कि सामाजिक और आर्थिक दूरी भी घटा रही है। इस पहल से अब वनांचल के लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत कवर्धा में वर्ष 2023-24 से अब तक जिले में जनजातीय बहुल क्षेत्रों तक पहुंच मार्ग निर्माण हेतु कुल 76 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनमें से 8 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि अन्य सड़कें निर्माणाधीन हैं।

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