मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों रायपुर की बेटी, Educationist DEEPAKSHA JAIN को सम्मानित किया गया
Mrs. India Universe Asia 2026 Winner दीपाक्षा जैन को उपलब्धि पर मिली मुख्यमंत्री की बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी, Educationist एवं Mrs. India Universe Asia 2026 Winner DEEPAKSHA JAIN को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी द्वारा सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करने वाली दीपाक्षा के लिए मुख्यमंत्री के हाथों मिला यह सम्मान बेहद गौरवपूर्ण और यादगार क्षण रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
Jainam Academy की Founder & Educationist DEEPAKSHA JAIN शिक्षा, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक पहलों के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उनका प्रयास शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए बच्चों के confidence, personality,n talent और values के विकास से जोड़ना है। बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और मंच पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए वे लगातार नए प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं की प्रतिभा और संघर्ष को सम्मान देने के उद्देश्य से ‘ME & MAA – Nari Prerna Samman’ जैसे अनोखे आयोजन उनकी सामाजिक सोच का हिस्सा रहे हैं। वहीं बच्चों को अपनी प्रतिभा, अनुभव और सीख एक-दूसरे के साथ साझा करने के लिए बच्चों के पॉडकास्ट जैसे नए मंच तैयार करने की पहल भी उनकी अलग पहचान बना रही है।
समारोह में प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक एवं गायक पीयूष मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। ‘आरंभ है प्रचंड’ जैसे लोकप्रिय गीत से अपनी विशेष पहचान बनाने वाले पीयूष मिश्रा ने DEEPAKSHA JAIN को उनकी उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उनके साथ हुई मुलाकात और मिली शुभकामनाएं दीपाक्षा के लिए इस खास अवसर का एक यादगार हिस्सा रहीं।
यह सम्मान आज की जंधारा के 36वें वर्षगांठ समारोह के अवसर पर प्रदान किया गया।
इस अवसर पर दीपाक्षा जैन ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं अपने समाज, बच्चों, महिलाओं और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ सकारात्मक करने का प्रयास कर पा रही हूं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी द्वारा दिया गया यह सम्मान मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा है।”
आज Educationist DEEPAKSHA JAIN की पहचान केवल एक अंतरराष्ट्रीय खिताब तक सीमित नहीं है। शिक्षा, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और बच्चों के आत्मविश्वास को नई दिशा देने वाली उनकी निरंतर पहल उन्हें अपनी अलग और सकारात्मक पहचान बनाने की ओर ले जा रही है।




