
- जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वच्छाग्रहियों, महिला समूहों, युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर दिया स्वच्छता का संदेश
- गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर चला सफाई अभियान, प्लास्टिक कचरे के उचित निपटान के प्रति किया गया जागरूक
रायपुर,


सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत जशपुर जिले में ‘एक तारीख, एक घंटा, एक साथ’ की थीम पर व्यापक स्वच्छता श्रमदान किया गया। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में 01 अक्टूबर को आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छाग्रहियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
अभियान के तहत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने एकजुट होकर श्रमदान किया। सड़कों, नालियों, सार्वजनिक परिसरों, बाजार क्षेत्रों, जलस्रोतों एवं आसपास के स्थानों की साफ-सफाई की गई। जगह-जगह जमा कचरे और प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्रित कर उसके उचित निपटान की व्यवस्था की गई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी स्वयं श्रमदान कर लोगों को अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने का दिया संदेश
श्रमदान के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। ग्रामीणों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। स्वच्छाग्रहियों और अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या दिवस तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बननी चाहिए।
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी सहभागिता भी गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
‘स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ी जनभागीदारी
जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित श्रमदान गतिविधियों में महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, स्वच्छाग्रहियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। लोगों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
‘स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव’ के संदेश के साथ अभियान के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने और गांवों को स्वच्छ एवं कचरा मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया गया।



