
रायपुर, छत्तीसगढ़। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर रज़ा यूनिटी फाउंडेशन की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को रायपुर के शास्त्री बाजार स्थित नूर सबा हॉल में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में 15 अक्टूबर 2026 से पूर्व समान नागरिक संहिता से संबंधित सभी 13 प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा की गई और संवैधानिक, कानूनी एवं धार्मिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विशेष रूप से इस्लामी शरीअत, धार्मिक स्वतंत्रता तथा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों के बीच संभावित टकराव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने इन विषयों का गंभीरता से अध्ययन करने और प्रत्येक प्रश्न के विभिन्न पहलुओं को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संवैधानिक और कानूनी आधार पर पक्ष रखने पर जोर
बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि समान नागरिक संहिता से संबंधित सभी 13 प्रश्नों का संवैधानिक, कानूनी एवं तथ्यात्मक आधार पर गहन अध्ययन किया जाए। साथ ही, निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विषयों पर अपना पक्ष तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर प्रस्तुत करने की दिशा में कार्य किया जाए।
चर्चा के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता, मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े पहलुओं को समझने तथा प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों के संभावित प्रभावों का आकलन करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
जनजागरूकता और तथ्यपरक संवाद की प्रतिबद्धता
रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने समान नागरिक संहिता से जुड़े विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाने, लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देने और धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित कानूनी पहलुओं पर तथ्यपरक जनसंवाद को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधित 13 प्रश्नों पर गंभीर विचार-विमर्श कर तथ्यों एवं संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर आगे की रणनीति तय करना रहा, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विषय पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।



