
रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित कंकाली नाका चौक में श्री जय छत्तीसगढ़ नवदुर्गा महोत्सव समिति द्वारा वर्ष 1972 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर नवरात्र महोत्सव मनाया जा रहा है। वर्ष 2026 में समिति की इस परंपरा के 55वें वर्ष के अवसर पर भी भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां पुरानी बस्ती थाना के सामने मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

समिति की खास पहचान यह है कि वर्ष 1972 से ही यहां मां भवानी के महिषासुर का वध करते हुए स्वरूप वाली प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है। समय के साथ समिति की जिम्मेदारियां अब स्थापना से जुड़े परिवारों की तीसरी पीढ़ी के युवा सदस्य संभाल रहे हैं। युवा सदस्य भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना और ज्योत प्रज्ज्वलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नवमी पर भव्य भंडारा, मेवा मिश्रित हलवा-पूड़ी रहती है खास
समिति की ओर से हर वर्ष महानवमी के अवसर पर भंडारा एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में मेवा मिश्रित हलवा-पूड़ी विशेष आकर्षण रहती है, जिसका श्रद्धालुओं को हर साल इंतजार रहता है। इस वर्ष 19 अक्टूबर को आयोजित होने वाले भंडारे में प्रसादी के साथ आइसक्रीम भी वितरित की जाएगी।
दशहरे पर निकलेगी भव्य विसर्जन यात्रा
नवरात्र महोत्सव के समापन पर दशहरे के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कंकाली नाका चौक से महादेव घाट के लिए रवाना होगी, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।
पांच दशकों से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा समिति के सदस्यों की आस्था, समर्पण और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से आयोजन की परंपरा आगे बढ़ रही है।




