Breaking News

दर्री और पतोरा में ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत किसानों को किया जागरूक

Contact Us :-8962856285 Contact Us :- 9862856285

कीट एवं रोग प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर दिया जोर

रायपुर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषददृराष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK ), बेमेतरा एवं कृषि विभाग के सहयोग से जिले के ग्राम दर्री (विकासखंड साजा) और ग्राम पतोरा (विकासखंड बेरला) में ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को फसलों में कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान की रोकथाम, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था।

दोनों गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 90 किसानों, जिनमें 80 पुरुष और 10 महिला किसान शामिल थीं, ने भाग लिया। ग्राम दर्री में 48 तथा ग्राम पतोरा में 42 किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रमों में ICAR-NIBSM के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार शर्मा और वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका मीना सहित कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा के विषय विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार जोशी एवं श्री डोमन सिंह टेकाम तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम दर्री के सरपंच श्री तोरण यादव और ग्राम पतोरा की सरपंच श्रीमती नामिन बाई साहू भी कार्यक्रमों में उपस्थित रहीं।

विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसलों में कीट एवं रोगों की समय पर पहचान, समन्वित कीट प्रबंधन (IPM), संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और कीटों एवं रोगों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर समय रहते वैज्ञानिक उपाय अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रमों में आयोजित किसान-वैज्ञानिक संवाद के दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक सुझाव देते हुए फसल नुकसान कम करने, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा पर्यावरण-अनुकूल फसल सुरक्षा तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रकाशन वितरित

अभियान के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा इस विषय पर आधारित एक प्रकाशन भी वितरित किया गया। ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के माध्यम से फसलों को जैविक एवं अजैविक तनावों से सुरक्षित रखने, कीट एवं रोगों से होने वाली क्षति कम करने और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

इन कार्यक्रमों से किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा मिला तथा किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के लिए उपयोगी तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई।

Related Articles

Back to top button