छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्कराज्य

झींगा पालन में नया अध्याय लिख रहा है सुकमा जिला

5 ग्राम पंचायतों में चयनित तालाबों में होगा झींगा पालन,ग्रामीणों को मिलेगा आजीविका का नया स्रोत

Contact Us :- 9862856285 Contact Us :- 9862856285

रायपुर , प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर अग्रसर है। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए सुकमा के किसान अब मछली पालन के साथ-साथ झींगा पालन को भी अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के सहयोग से जिले के किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में समन्वित कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा मछली पालन विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी श्री डी.एल. कश्यप के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड की पांच ग्राम पंचायतों कृ भेलवापाल, झापरा, गोंगला, मूर्तोंडा एवं गादीरास कृ के तहत आने वाले 40 तालाबों का गहन निरीक्षण किया गया। इन तालाबों को झींगा पालन के लिए उपयुक्त पाया गया है। निकट भविष्य में कृषि विज्ञान केंद्र की मत्स्य इकाई, विशेषज्ञों की निगरानी और जिला मत्स्य विभाग के समन्वय से इन तालाबों में झींगा पालन की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। यह पहल न केवल जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।

झींगा: पोषण और आमदनी का समृद्ध स्रोत

झींगा एक सर्वाहारी मीठे जल का जलीय जीव है, जो ब्रीडिंग के समय थोड़े खारे पानी की ओर प्रवास करता है। यह प्राकृतिक रूप से जल में मौजूद सूक्ष्म जीवों, कीटों और जैविक अवशेषों का सेवन करता है। झींगा प्रोटीन और आवश्यक वसा का उत्तम स्रोत है। इसके नियमित सेवन से न केवल मस्तिष्क का तीव्र विकास होता है, बल्कि यह हृदय स्वास्थ्य और कुपोषण निवारण में भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

किसानों को होगा व्यापक लाभ

झींगा पालन से किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में तीव्र और अधिक आमदनी होने की संभावना है। इसके साथ ही यह स्व रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा, जिससे युवा वर्ग भी खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित होगा। उल्लेखनीय है कि यह योजना सुकमा जिले में ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। जिला प्रशासन, कृषि विज्ञान केंद्र और मत्स्य विभाग के संयुक्त प्रयास से सुकमा अब झींगा पालन के क्षेत्र में राज्य का अग्रणी जिला बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Related Articles

Back to top button