छत्तीसगढ़राज्य

बिलासा दीक्षांत समारोह 2025 का सफल आयोजन वैदिक न्यूज की एम् डी सैय्यद सलमा हुईं सम्मानित

रायपुर.तुलसी मंगलम भवन रायपुर में बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान का अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सम्पन्न हुआ lइस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छंद के छ के संस्थापक आदरणीय अरुण निगम जी, विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकगीतकार डॉ पीसीलाल यादव जी अध्यक्ष, श्री सुधीर शर्मा वैभव प्रकाशन की उपस्थित में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। संस्थान के संस्थापक डॉ रामनाथ साहू “ननकी” ( सक्ती), अध्यक्ष डॉ माधुरी डड़सेना “मुदिता” (धमतरी) व सचिव डॉ ओमकार मृदुल(अंबिकापुर) डॉ. गजेंद्र हरिहारनो जी डोंगरगांव मीडिया प्रभारी डॉ. निर्मला शर्मा ( कोरबा) के अथक प्रयास से कार्यक्रम सफल हुआ।

प्रतिवर्ष की भाँति शिक्षण सत्र की समाप्ति के बाद बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान द्वारा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाता है lइस आयोजन के द्वारा छन्दसाधकों को प्रमाण पत्र और स्मृति- चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता हैl प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम अलग-अलग शहरों,राज्यों में आयोजित होता है lइस वर्ष यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तुलसी मंगलम भवन में सुबह 10.00बजे से 7:00 के बीच सम्पन्न हुआ कार्यक्रम में इसके अतिरिक्त साल भर के कार्य का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है एवं अनेक छन्दलेखन पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया जाता है इस वर्ष भी अनेक पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम भी साथ-साथ चलता रहा एवं कई पुस्तकें जिन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है उनकी भी प्रदर्शनी लगी l ज्ञात हो कि बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान द्वारा छंद विधान के समस्त नियमों को उल्लिखित करते हुए छंद विधान पर साहित्य निर्माण करना सिखाया जाता हैl जो मोबाइल द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं द्वारा सिखाया जाता हैl 1 वर्ष तक साधक इस संस्था के द्वारा नि :शुल्क विधिवत छंद निर्माण की साधना करते हैंl माह में दो बार पाक्षिक मूल्यांकन द्वारा उनके द्वारा सीखे गए अभ्यास का मूल्यांकन कार्य भी किया जाता है जिसमें नवरत्न का चुनाव होता है और उन्हें सम्मानित किया जाता है.

इस कार्य हेतु मोबाइल पर कई साहित्य पटल बनाए जाते हैं जिनको पटल गुरुओं द्वारा संचालित किया जाता हैl पटल गुरु, पटल प्रेरक, पटल पर्यवेक्षक, इत्यादि पदों पर आसीन होकर छन्दसाधना में प्रवीण होकर निकले साधक अगले वर्ष संस्था में अपनी निशुल्क साहित्य सेवा प्रदान करते हैं इस कार्य में प्रतिवर्ष 100 पटल गुरु कार्य करते हैं कुल आठ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाते हैं जिसमें साधक देश-विदेश से जुड़कर छन्द साधना करते हैं lप्रतिवर्ष लगभग 1500 साधक इसमें प्रवीण होकर निकलते हैंl
ज्ञात हो कि हमारे जितने भी धार्मिक ग्रंथ हैं वह सब किसी न किसी छंद पर आधारित हैं जिसमें मुख्य रूप से दोहा ,चौपाई, उल्लाला ,सोरठा हरिगीतिका, घनाक्षरी आदि हैं l बिलासा महालय अपने प्राचीन संस्कृति को पुर्नजागृत और समृद्ध करने का स्तुत्य,महती,कालजयी कार्य कर रहा है l
डॉ .रामनाथ साहू “ननकी” द्वारा नवप्रस्तारित (2048 अर्ध समवृत्त) छंदग्रंथ “प्रणत” में छंद लेखन हेतु मैजिक बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सभी 129 सृजनकारों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। डॉ. रामनाथ साहू द्वारा प्रस्तारित निम्न छंदग्रंथ को भी मैजिक बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया था उनके सृजनकारों को इसी मंच से वर्ल्ड रिकार्ड सम्मान पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया—

(1) विश्वामित्र- 41 मात्रा, संपूर्ण 3504 दण्डक, सुनीता केसरवानी+ श्रद्धा पाठक (2) महान- 15 यति, 3667 अर्ध सममात्रिक छंदग्रंथ, अशोक पटसारिया+प्रियंका भूतड़ा (3) चेतना- 208 समवार्णिक दण्डक रोहिणी पटेल “चंचला” (4) व्यास- 33 मात्रा का 786 सममात्रिक दण्डक माधुरी दुबे (5) ज्ञानेश्वरी साहू “ज्ञानेश”- ज्ञानवापी 39 मात्रा।

डॉ. रामनाथ साहू “ननकी” की अन्य नवप्रस्तारित छंद पुस्तकें जो विमोचित हुई

आँगन- नव प्रस्तारित सममात्रिक, आचार्य- नव प्रस्तारित अर्ध समवृत्त, आतुरी- नव प्रस्तारित विषम वृत्त, आरक्त- नव प्रस्तारित समवृत्त, आँचल- नव प्रस्तारित विषम मात्रिक, अनमोल नव प्रस्तारित सवैया, आकृति- प्रस्तारित त्रिपदी, आदित्य- नव प्रस्तारित अर्ध सममात्रिक,आदर्श- नव प्रस्तारित घनाक्षरी, आरंभ- नव प्रस्तारित मात्रिक दण्डक, आत्मभू- नव प्रस्तारित वार्णिक दण्डक

छंद महालय के कलमकारों की विमोचित पुस्तकें–

नरेंद्र सिंह- प्रयास, डॉ अशोक पटसारिया “नादान” की पाँच पुस्तकें–
1.आदि शंकराचार्य विरचित विवेक चूड़ामणि– भावानुवाद -चौपाई छंद में
2.शब्दानुशासन- पिंगल शास्त्र के विविध छंद
3.छंदानुभूति- छंद आधारित गीत
4.अल्फ़ाज़ अनकहे चुनिंदा ग़ज़लें*
5 मेरा देश महान 15,12 नव प्रस्तारित छंद*

सिद्धेश्वरी सराफ “शीलू— गीत सरिता,
डॉ ललिता यादव- ललिता के लीलाधर,
डॉ रंजना सिंह- आँचल में आकाश,
भारती दिशा- विवेक चूडामणी,
ज्ञानेश्वरी साहू “ज्ञानेश”– छंद रत्नाकर,

माधुरी डड़सेना “मुदिता” के– छत्तीसगढ़ी गीत- छुछुंदरी, ग़ज़ल संग्रह– माधुरी मुस्कान, नवप्रस्तारित गीत– माधुरी मयंक, बाल साहित्य– माधुरी महक, क्षणिका संग्रह– माधुरी मलय, मेरी माँ बालगीत इसका लाइव प्रसारण भी किया गया। 500संख्या से भरे सभागार में प्रेस-मीडिया विशेष अतिथि के रूप में वैदिक न्यूज की मेनेजिंग डायरेक्टर सैय्यद सलमा की उपस्थिति वंदनीय थी। सभी की सराहना प्राप्त हुई। विशेष सहयोग के लिए रायपुर निवासी श्रद्धा पाठक, देवेन्द्र पाठक , मीडिया प्रभारी डॉ.निर्मला शर्मा सभी सहित सभी सहयोगियों का बिलासा महालय की अध्यक्ष डॉ .माधुरी डड़सेना “मुदिता”जी के द्वाराआभार प्रदर्शन किया गयाl
नोट -कृपया उपरोक्त कार्यक्रम और प्रेस विज्ञप्ति को अपने सम्मानित प्रतिष्ठित प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया में स्थान देने की असीम कृपा करें धन्यवाद.

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