तुलसी से मांगे माफी, बापजी की बात सुन हैरान हुई नोयोना

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में तुलसी और मिहिर पूरे परिवार के साथ सूरत पहुंच गए हैं। तुलसी को मिहिर के साथ देखकर नोयोना को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, गायत्री नोयोना को ताना मारने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है। नोयोना जब तुलसी के पास बात करने आती है तब भी गायत्री उससे पूछती है कि तुलसी से उसे क्या बात करनी है। गायत्री के टोकने के बाद भी तुलसी नोयोना से बात करने के लिए तैयार हो जाती है।
नोयोना तुलसी से बात करती है। तुलसी उसे साफ कर देती है कि उसे मिहिर और उसकी लाइफ से कोई लेनादेना नहीं है। तुलसी उसे खरीखोटी भी सुनाती है। इसके बाद नोयोना जाकर मिहिर के कार में बैठ जाती है। मिहिर उसे कार से उतरने के लिए कहता है। वो कहता है कि अब उसके साथ तुलसी वहां बैठकर जाएगी।नोयोना जाकर गायत्री और शोभा के साथ गाड़ी में बैठ जाती है। गायत्री नोयोना को कहती है कि क्या उसे तुलसी से डर लग रहा है? इसपर नोयोना कहती है कि उसे किसी से डर नहीं लग रहा है। गायत्री इसके बाद कहती है कि वो इतनी सी बात पर घबरा गई है। वो बापजी के यहां तुलसी और मिहिर को पति-पत्नी की तरह कैसे देखेगी?
नोयोना और पूरा परिवार जब बापजी के घर पहुंचते हैं। बापजी नोयोना को दरवाजे पर ही रोक देते हैं। इसके बाद वो नोयोना से पूछते हैं कि वो कौन है? नोयोना कहती है कि वो मिहिर की रिश्तेदार है। वो कहते हैं कि लगता तो नहीं है। वो कहते हैं कि उसने तुलसी का अपमान किया है। नोयोना ये सुनकर घबरा जाती है। बापजी नोयोना से कहते हैं कि उसे तुलसी से माफी मांगनी चाहिए। नोयोना हैरान रह जाती है। इसके बाद बाप जी साफ करते हैं कि उनके घर में कोई भी आता है तो घर में लगे तुलसी के पौधे का झुककर आशीर्वाद लेते हैं और उसने तो नजरें तक नहीं झुकाईं।




