छत्तीसगढ़राज्य

“फ्लाईओवर पर यू-टर्न से X-Y-Z टर्न तक: दीप्ति दुबे का सरकार पर तीखा हमला”

सरकार और निगम को अब तक यू टर्न की आदत पड़ी थी अब तो एक्स ,वाय, और जेड टर्न भी देखने को मिल रहा है,, दीप्ति दुबे,,,, राज्य सरकार एवं नगर निगम ने तीन फ्लाई ओवर के निर्णय को ठंडा बस्ता में डाल दिया,,,  कारण राज्य सरकार के मंत्री बिना किसी से बात करें योजना भी बना ली और टेंडर भी कर दिए तब याद आया कि दाल में कुछ काला है बाद में समझ आया कि पूरी दाल काली है,,,

शारदा चौक तत्यापारा का फ्लाई ओवर तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने लायक निर्णय था,,, इसी प्रकार गांधी उद्यान का फ्लाई ओवर तेलीबांधा तक सीमित कर दिया गया था अब तीनों योजनाओं पर विधायक एवं महापौर के अलग-अलग बयान है।

कांग्रेस से महापौर प्रत्याशी रही दीप्ति दुबे ने सरकार और विधायक तथा महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में जब डीपीआर तैयार की थी तो इंन प्रतिनिधियों से राय लेकर ही अंतिम निर्णय लिया होगा ,,अगर नहीं लिया तो अधिकारियों की सोच का नतीजा था क्या ? इसका जवाब किसी के पास नहीं है ,,ढाई साल केवल कहां बनाना है कहां नहीं बनाना है उसमें निकाल दिए ।ढाई साल बाद प्रोजेक्ट बना वो भी आश्चर्य करने वाला था,संभवतः विश्व का सबसे छोटा फ्लाई ओवर तात्या पारा शारदा चौक का है,,,,रायपुर शहर वालों को इस बीच सरकार ने केवल 2 बड़ा तोहफा दिया एक अधूरे स्काईवॉक के पुनर्निर्माण और दूसरा विश्वविद्यालय के पास स्थित चौपाटी को तोड़ना,,। उपलब्धि के नाम पर यही दो चीज इस शहर में सरकार के बहू प्रतिक्षित कामों के रूप में लोगों ने देखा। अजीबोगरीब स्थिति है ,,,,इस सरकार में निर्णय कौन लेता है जो मुखिया है वही कहते हैं कि ऐसा होना चाहिए तो निर्णय कर कौन रहा है इससे बेहतर होता कि रायपुरा जाने वाले अंडर ब्रिज को चौड़ा करते,, साथ ही कुशालपुर एवं राजेंद्र नगर के अंडर ब्रिज को भी भाटा गांव ओवर ब्रिज जितना चौड़ा कर देते। तत्यापारा और शारदा चौक के चौड़ीकरण पर तो भाजपा के मेनिफेस्टो में 6 माह के अंदर उक्त काम को पूर्ण कर लेने की बात अटल विश्वास पात्र में किया गया था। अब स्थिति यह है की वर्तमान में निगम द्वारा जारी बजट में शारदा चौक से तत्यापारा केचौड़ीकरण का कोई उल्लेख ही नहीं किया गया जो जनता के साथ सरासर धोखा है। जनता के साथ इस प्रकार के व्यवहार भाजपा के जनप्रतिनिधि करेंगे ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था,,लगता है कि अब भाजपा को जनता के कामों से कोई लेनादेना नहीं है महतारी वंदन के 1000 को ही सबसे बड़ा काम मान लिए हैं.

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