छत्तीसगढ़राज्य

पुसगुड़ा में दिखी सुशासन की सच्ची तस्वीर, महुआ पेड़ के नीचे लगी जनचौपाल

गांव विकास के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति, सड़क निर्माण सहित कई अहम फैसले

रायपुर, करीब 106 की आबादी वाले इस छोटे से गांव में कलेक्टर का जमीन पर बैठकर संवाद करना प्रशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक बना। ‘नियद नेल्लानार योजना 2.0’, ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ‘सुशासन तिहार’ के तहत प्रशासन की पहल अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी असर दिखा रही है। सुकमा जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पुसगुड़ा में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने महुआ पेड़ की छांव में ग्रामीणों के साथ बैठकर जनचौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं।

तत्काल समाधान से बढ़ा विश्वास

जनचौपाल के दौरान खराब हैंडपंप की शिकायत मिलते ही उसे तुरंत ठीक कराया गया। इसके अलावा गांव में आवश्यक सामुदायिक कार्यों के लिए 20 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई, जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुशासन की सच्ची तस्वीर बताया।

गांव के विकास के लिए बड़े निर्णय

जनचौपाल के दौरान गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क निर्माण हेतु प्रस्ताव तत्काल मंगाया गया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गांव को ‘तूफान’ सवारी वाहन देने की घोषणा की गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

योजनाओं से बदल रही गांव की तस्वीर

ग्राम पुसगुड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में बिजली पहुंच गई है और जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से पानी मिल रहा है। श्रम कार्ड बनने से उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आदेश जारी करना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर एसडीएम श्री सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ श्री सुमित ध्रुव और एडिशनल एसपी श्री मनोज तिर्की सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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