
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न अमृत सरोवर परिसरों में वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर अमृत सरोवरों के आसपास पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही अमृत सरोवर परिसरों में साफ-सफाई एवं रखरखाव संबंधी गतिविधियां भी संचालित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं दीर्घकालिक रखरखाव के महत्व पर चर्चा की गई।
आयोजित ‘सरोवर संवाद’ कार्यक्रम में ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के महत्व तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम में सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, युवा समूह, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस दौरान विकसित भारतदृरोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना की भी जानकारी दी गई तथा अमृत सरोवरों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं उपयोगी बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।


