
जगदलपुर । बस्तर में लगातार हो रही बारिश और नदियों-झरनों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जलक्रीड़ाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। चित्रकोट जलप्रपात में बोटिंग, जबकि धुड़मारास, तीरथगढ़, मांझीपाल, तिरिया और नेतानार क्षेत्रों में बंबू राफ्टिंग व कयाकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान इंद्रावती नदी और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे हादसे की आशंका रहती है। इसी कारण चित्रकोट जलप्रपात के निचले हिस्से में पर्यटकों के जाने और नौकायन पर प्रतिबंध लगाया गया है। तीरथगढ़ जलप्रपात में भी नीचे स्थित मंदिर तक जाने पर रोक लगा दी गई है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक नवीन कुमार ने बताया कि वर्षा ऋतु में जलभराव और फिसलन के कारण कोटमसर, कैलाश सहित सभी प्रमुख गुफाओं को भी अस्थायी रूप से पर्यटकों के लिए बंद रखा गया है।
वहीं, जलक्रीड़ाओं पर रोक का असर स्थानीय आजीविका पर भी पड़ा है। मांझीपाल ईको समिति से जुड़े युवाओं ने बताया कि राफ्टिंग और कयाकिंग बंद होने से वे फिलहाल खेती-किसानी में जुटे हैं। दूसरी ओर, कई पर्यटक जलक्रीड़ाएं बंद होने से निराश होकर केवल जलप्रपातों का नजारा देखकर लौट रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करने की अपील की है।



