
स्मारक भवन में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के उलमा, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिकों ने शिरकत की।
जलसे में शान-ए-दक्कन हजरत मौलाना अहमद नक्शबंदी साहब ने दरूद शरीफ की फजीलत और उसकी अहमियत पर विस्तार से तकरीर की। उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा दरूद शरीफ पढ़ने और कुरान शरीफ की तिलावत करने की अपील की।
इस मौके पर फरजंदे गाजी-ए-मिल्लत हुजूर सैय्यद सिमनानी अशरफ अशरफी-उल-जिलानी साहब ने मुल्क और मिल्लत की खुशहाली, अमन और तरक्की के लिए दुआ-ए-खैर फरमाई।
आयोजकों के मुताबिक, इस मुहिम के दौरान आवाम की ओर से 43 करोड़ 14 लाख 29 हजार 786 दरूद शरीफ और 7,251 कुरान शरीफ का तोहफा सरकार-ए-दो-आलम की बारगाह में पेश किया गया।
दो खुशनसीब लोगों को उमरा का तोहफा
कार्यक्रम के दौरान उमरा के मुबारक सफर के लिए दो खुशनसीब लोगों के नाम निकाले गए। इनमें चारामा जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद अशरफ साहब तथा मौदहापारा, रायपुर की एक मोहतरमा का नाम शामिल रहा। दोनों को उमरा का मुबारक सफर कफील टूर एंड ट्रेवल्स की जानिब से कराया जाएगा।
जलसे में काजी-ए-शहर हजरत मौलाना अल्हाज कारी हाफिज इमरान अशरफी साहब, हजरत मौलाना अल्हाज कारी महफूज साहब अशरफी-उल-औलिया मस्जिद मौदहापारा, हजरत मौलाना अब्दुल समद साहब, हजरत मौलाना अजीज अशरफ साहब, इमाम बुखारी मस्जिद तथा हजरत मौलाना फहीम अख्तर, डी.डी. नगर रायपुर सहित कई उलमा-ए-किराम मौजूद रहे।
कार्यक्रम की निजामत हजरत मौलाना सैय्यद दीन अंजुम साहब, गौसिया मस्जिद पारस नगर रायपुर ने की।
मदनी सोशल वेलफेयर ग्रुप के कन्वेनर नोमान अकरम हामिद ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जलसे को शहर के दानिशवर हजरात और आम लोगों का भरपूर सहयोग मिला। कार्यक्रम के अंत में सलातो-सलाम पेश किया गया और मुल्क में अमन, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।




