छत्तीसगढ़राज्य

मर्दापाल अंचल को 4.06 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

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रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मर्दापाल अंचल की 23 ग्राम पंचायतों में 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार रूपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर इन बुनियादी विकास कार्यों का विधि-विधान से भूमिपूजन किया।

ग्रामीण अधोसंरचना को मिलेगी नई दिशा

इन स्वीकृत विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, रंगमंच और अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई गति प्राप्त होगी।

ग्रामवार विकास कार्यों का विवरण

ग्राम चांगे लगभग 77.96 लाख रूपए की लागत से पुलिया, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सीसी सड़क, रंगमंच और सामुदायिक भवन निर्माण। ग्राम मूलनार में लगभग 90.79 लाख रूपए की लागत से पुलिया, बाउंड्रीवाल, सीसी सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचागत विकास, ग्राम बड़ेकुरुषनार लगभग 88.14 लाख रूपए की लागत से पुलिया, रंगमंच, आहाता, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सांस्कृतिक भवन और पंचायत भवन का निर्माण, ग्राम बेचा लगभग 21.79 लाख की लागत से रंगमंच एवं माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन और लोकार्पण, अन्य ग्राम पंचायतें रानापाल, कोंगेरा, मुंगवाल और चेरंग में 28 लाख रूपए तथा हथकली, मटवाल, पेरमापाल, नरिहा और आदनार में लगभग 1 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, सीसी सड़क, शाला भवन और पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया, शामिल है।

गाँवों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता- वनमंत्री

इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सुदूर गांवों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सड़क, शिक्षा, सामुदायिक अधोसंरचना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। श्अटल डिजिटल सुविधा केंद्रोंश् के माध्यम से अब ग्रामीणों को सभी जरूरी शासकीय सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिल सकेगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि सुशासन के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाकर हर गांव को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।

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