छत्तीसगढ़राज्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

Contact Us :- 9862856285 Contact Us :- 9862856285
  • अवैध खनन और परिवहन पर सरकार का शिकंजा, अधिकारियों से अभद्रता करने वालों पर भी एफआईआर

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी कड़ी में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी श्री रजत बंसल के निर्देशन में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और संबंधित जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जप्त किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे दो हाइवा, सूरजपुर जिले के लटोरी में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर पकड़ा गया। वहीं सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों पर कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत जप्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर घटना भी सामने आई। जांच कर रही टीम के साथ वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

खनिज विभाग ने दोहराया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने, अधिकारियों को धमकाने अथवा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Related Articles

Back to top button