छत्तीसगढ़राज्य

लूतरा शरीफ दरगाह में बडा फेरबदल इकबाल हक बनें सदर इरशाद अली का ओहदा बडा

सेक्रेटरी पद पर रियाज अशरफी को लगातार दूसरी बार दायित्व, अच्छे कार्यों का मिला सम्मान, पहली बार पूरी कमेटी को भंग किए बिना किया गया पुनर्गठन

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड रायपुर ने बिलासपुर जिले के सीपत स्थित ऐतिहासिक लूतरा शरीफ दरगाह की संचालन समिति में फेरबदल करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया है। इस बार की विशेष बात यह रही कि दरगाह के इतिहास में पहली बार पूरी कमेटी को भंग नहीं किया गया, बल्कि वर्तमान कमेटी के कार्यों की सराहना करते हुए अधिकांश पदाधिकारियों और सदस्यों को यथावत रखते हुए नए सदस्यों को शामिल किया गया है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज की अध्यक्षता में अप्रैल माह में आयोजित बैठक में समिति का विस्तार करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत समिति की सदस्य संख्या 11 से बढ़ाकर 20 की गई है। बोर्ड ने बीते ढाई वर्षों में दरगाह परिसर में हुए विकास कार्यों, बेहतर प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को देखते हुए यह फैसला लिया।

नई समिति में हाजी मोहम्मद इकबाल हक को कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मोहम्मद सिराज एवं रोशन खान को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रियाज अशरफी को लगातार दूसरी बार सचिव पद का दायित्व सौंपा गया है। कोषाध्यक्ष पद पर फैजान अहमद (शिबू) को नियुक्त किया गया है, जबकि जावेद रब्बानी को उप-कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

विकास कार्यों से मिली नई पहचान

वर्तमान समिति ने शासन-प्रशासन के सहयोग से दरगाह क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 11 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति दिलाने की दिशा में पहल कर रही है। इसके अलावा एनटीपीसी के सहयोग से करीब 56 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय निर्माण की प्रक्रिया टेंडर स्तर तक पहुंच चुकी है। समिति द्वारा जर्जर बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण, पर्यटन मंडल के सहयोग से लगभग 30 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का कार्य पूर्ण कराना, दरगाह परिसर की व्यवस्थाओं में सुधार तथा मदरसे में व्यापक बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं को दी प्राथमिकता

बीते ढाई वर्षों में इंतेजामिया कमेटी ने दरगाह परिसर को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कमेटी के प्रयासों से दूर-दराज से आने वाले जायरीन को बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध हुईं, जिससे लूतरा शरीफ की पहचान प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों तक पहुंची है।स्थानीय मुस्लिम जमात, ग्राम पंचायत, व्यापारी संघ एवं क्षेत्रवासियों ने भी समिति के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया है। यही कारण है कि वक्फ बोर्ड ने अधिकांश पदाधिकारियों को यथावत रखते हुए समिति का विस्तार किया है।

नई टीम से बढ़ी विकास की उम्मीदें

नई कार्यकारिणी के गठन के बाद क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि समिति पूर्व की तरह विकास कार्यों की गति बनाए रखेगी तथा दरगाह, मदरसा और मस्जिद की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। नई टीम सामूहिक सहयोग और समर्पण के साथ लूतरा शरीफ को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

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