
बालोद । जिले में इस वर्ष मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जहां खेतों में हरियाली लौट आई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं कई इलाकों में जलभराव और बाधित आवागमन लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। जिले में अब तक सामान्य से 22.7 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
खेती-किसानी को मिली रफ्तार
पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। इससे धान की रोपाई समेत कृषि कार्यों ने गति पकड़ ली है। किसान इसे अच्छी फसल का संकेत मानते हुए राहत महसूस कर रहे हैं।
सियादेवी मंदिर का संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश के कारण जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सियादेवी मंदिर के पहुंच मार्ग पर बने पुल के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, शाम तक 15 से अधिक वाहन मंदिर परिसर में फंसे रहे। वहीं पुल निर्माण के लिए रखी गई रेत और गिट्टी भी तेज बहाव में बह गई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
शहर में जलभराव, ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
भारी बारिश के चलते बालोद नगर पालिका का ड्रेनेज सिस्टम भी जवाब देता नजर आया। शहर के कई वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।
प्रशासन ने जारी की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
लगातार बारिश ने जहां किसानों के लिए राहत और अच्छी फसल की उम्मीद जगाई है, वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और धार्मिक स्थलों तक पहुंच में कठिनाइयों ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।



