
रायपुर। छत्तीसगढ़ की अजीम शख्सियत एवं पूर्व छत्तीसगढ़ काजी हजरत मौलाना मोहम्मद अली फारुकी रहमतुल्लाह अलैह का पहला सालाना उर्स-ए-पाक 10 एवं 11 अक्टूबर को बैजनाथपारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिम मुस्लिम यतीमखाना में अदब और एहतराम के साथ मनाया जाएगा।
उर्स का आगाज परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। दो दिवसीय आयोजन के दौरान तकरीर और मुशायरे का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से मशहूर शायर और मारूफ मुकरीर शिरकत करेंगे। उनके जरिए हजरत मौलाना मोहम्मद अली फारुकी की धार्मिक, सामाजिक एवं समाजसेवा से जुड़ी सेवाओं को याद किया जाएगा।
आयोजन के दौरान बैजनाथपारा स्थित मुस्लिम हॉल में बच्चों की हौसला-अफजाई के लिए विशेष कार्यक्रम भी रखा गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को इनामात से नवाजा जाएगा।
उर्स में हजरत के चाहने वालों और अकीदतमंदों की बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। रायपुर सहित आसपास के जिलों के अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में जायरीन के शिरकत करने की संभावना है। आयोजकों ने उर्स में शामिल होने वाले जायरीन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी



