छत्तीसगढ़राज्य

दुर्ग में लगातार बारिश में फंसे 200 परिवारों को रेस्क्यू कर 16 अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया

Contact Us :- 9862856285 Contact Us :- 9862856285

आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे न जाने की अपील

रायपुर,

आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे न जाने की अपील

आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे न जाने की अपील

आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे न जाने की अपील

दुर्ग जिले में पिछले 24 एवं 25 सितंबर को लगातार बारिश होने से  नदी नाले उफान पर चल रहे है। अनवरत बारिश होने से नगर निगम दुर्ग, भिलाई सहित ग्रामीण क्षेत्रों के 13 ग्रामीण इलाक़े के 200 घरों में पानी भर जाने के कारण 764 व्यक्तियों को एसडीआरएफ तथा स्थानीय पार्षद एवं अन्य व्यक्तियों तथा प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। नजदीकी सामुदायिक केंद्र, पंचायत भवन, शालाओं को अस्थाई राहत कैम्प बनाकर सभी प्रभावितों को शिफ्ट किया गया है। दुर्ग जिले में अभी तक कुल 16 राहत कैम्प बनाया जाकर प्रभावितों को भोजन पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं दी जा रही है।

दुर्ग तहसील के 52 परिवारों/घरों के 268 लोगों को 05 अस्थायी राहत शिविर में रुकवाया गया है। प्रभावित क्षेत्र में दुर्ग तहसील अंतर्गत निगम क्षेत्र पुलगांव वार्ड नंबर 55 में 13 घरों के 48 प्रभावित व्यक्तियों को नगर निगम की टीम द्वारा रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा सामुदायिक भवन पुलगांव में शिफ्ट किया गया है। भिलाई निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 41 में 05 घरों में जलभराव होने पर 30 व्यक्तियों को रेस्क्यू कर अस्थायी राहत एसएलआरएम सेंटर में ठहराया गया है।

दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचल के ग्राम डंडेसरा के 02 घरों के 03 प्रभावितों को ग्राम पंचायत भवन में, ग्राम मालूद के 02 घरों के 07 प्रभावितों को मितानिन भवन में, तथा ग्राम भरदा के ईंट भट्ठा क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव होने की सूचना पर 35 मकानों के 210 लोगों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक शाला भवन में रुकवाया गया है। सभी के भोजन पानी एवं रुकने की व्यवस्था इन अस्थाई शिविरों में की गई है।

इसी प्रकार से पाटन तहसील के 07 ग्रामों के 117 परिवारों के 345 व्यक्तियों को 05 राहत कैम्प में ठहराया गया है। जिसमें नगर पालिका क्षेत्र अमलेश्वर से लगा हुआ बोथली में 03 घरों के 12 व्यक्तियों का एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू कर पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया है। ग्राम पाहंदा के 04 घरों के 40 व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर उनकी इच्छानुसार उनके रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित पहुंचाया गया।

पाटन क्षेत्र के ही ग्राम खुड़मुड़ा में 01 परिवार के 02 महिलाओं को एसडीआरएफ द्वारा बोट के माध्यम से रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकालकर  अमलेश्वर के उसके दूसरे निजी मकान में उनकी इच्छानुसार पंहुचवाया गया। ग्राम जामराव के 35 घरों के 147 व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर 52 व्यक्तियों को पंचायत भवन में तथा शेष को उनके कहे अनुसार उनके रिश्तेदारों के घर पंहुचवाया गया। ग्राम केसरा के 70 घरों के 135 लोगो को राहत कैम्प पंचायत भवन, शाला भवन तथा सामुदायिक भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। ग्राम रिवागहन के 02 घरों के 05 लोगो को रेस्क्यू कर उनके रिश्तेदारों के यहां तथा ग्राम किकिरमेता के 01 घर के 04 लोगों को भी उनके परिचित के घर सुरक्षित ठहराया गया है।
तहसील अहिवारा के  अकोला ग्राम पुरानी बस्ती के प्रभावित 10 घरों के  46 लोगों को सुरक्षित निकालकर सामुदायिक केंद्र अकोला राहत कैम्प में ठहराया गया है। तहसील बोरी के दनिया ग्राम जो शिवनाथ नदी तट पर स्थित है के जलसंसाधन विभाग के पावर लिफ्टिंग पंप में 02 व्यक्ति पति पत्नी जलभराव में फंस जाने से उन्हें एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू कर पंचायत भवन में ठहराया गया है।

इसी प्रकार दुर्ग जिले के ही भिलाई तीन तहसील अंतर्गत कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र के परसदा में 14 घर जलमग्न हो जाने से 73 लोगों को बोट के माध्यम से सुरक्षित निकालकर राहत कैम्प ब्रह्मलोक आश्रम, आदिवासी भवन, कर्मा भवन, राजीव भवन में ठहराया गया है।

बीते 48 घंटे हुई बारिश से पूरा क्षेत्र लबालब हो गया। जिले के कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित पूरी प्रशासनिक टीम, एसडीआरएफ टीम पूरी मुस्तैदी से दिन और पूरे रात भर क्षेत्र में नज़र बनाए हुए थे तथा बाढ़ से और अत्यधिक बारिश से जन हानि न हो, इसके लिए लगातार पूरे क्षेत्र में निगरानी कर मैदानी अमले को सतत् निर्देश दे रहे थे। शनिवार 26 सितम्बर को सुबह से ही जिले के कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, शिवनाथ नदी सहित जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने आमजन से संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।

शनिवार 26 सितंबर को सुबह के समय शिवनाथ नदी पर स्थित महमरा ऐनीकेट से लगभग 8 फीट ऊपर पानी बह रहा था जहां पर ग्राम वासियों तथा देखने वालों की भीड़ जमा थी जिन्हें प्रशासन एवं पुलिस बल के द्वारा तत्काल चेतावनी देकर हटाया गया कुछ ही घंटे में ऐनिकेट के ऊपर पानी का बहाव साढ़े बारह फीट से अधिक हो गया।
प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे के इलाकों में न जाए।

Related Articles

Back to top button