
रायपुर । जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा कुंवार नवरात के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं पारंपरिक आयोजनों को बढ़ावा देने की मांग को लेकर रायपुर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के देवी पंडालों एवं अन्य आयोजन स्थलों पर गरबा के नाम पर होने वाली फूहड़ता एवं हुड़दंगबाजी पर रोक लगाई जाए तथा नवरात्रि के दौरान सुवा नृत्य एवं छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा आधारित माता जसगीत जैसे पारंपरिक आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाए।
ज्ञापन में DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियमित उपयोग पर रोक लगाने तथा ध्वनि प्रदूषण से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
पार्टी ने जिला प्रशासन के साथ-साथ संस्कृति विभाग के माध्यम से भी इन मांगों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने तथा सभी आयोजनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
पार्टी का कहना है कि हरेली, पोरा, तीजा, भोजली, कर्मा, सुवा, नवरात सहित छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीज-त्योहार हमारी लोक संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे अवसरों पर स्थानीय लोक परंपराओं और संस्कृति को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।




