छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ सुन्नी मुस्लिम मनिहार बिरादरी वेलफेयर सोसाइटी की प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न, समाजहित में लिए गए कई अहम फैसले

राजिम भवन के पुनः संचालन, शिक्षा के प्रसार, बिरादरी की टेलीफोन डायरेक्टरी और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर बनी सहमति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सुन्नी मुस्लिम मनिहार बिरादरी वेलफेयर सोसाइटी की प्रदेश कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लेकर बिरादरी की तरक्की, शिक्षा, सामाजिक एकता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद असलम अशरफी ने की। उन्होंने बैठक के प्रमुख एजेंडों को सदस्यों के समक्ष रखा, जिसके बाद सभी विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।

राजिम के मनिहार समाज भवन को शुरू करने पर जोर

बैठक में राजिम स्थित मुस्लिम मनिहार समाज भवन की मरम्मत कर उसे पुनः उपयोग में लाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि भवन को जल्द दुरुस्त कर समाज के उपयोग के लिए शुरू किया जाना चाहिए, ताकि बिरादरी सहित अन्य लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।

इस संबंध में चार सदस्यों की एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति राजिम के स्थानीय मनिहार समाज के लोगों से संपर्क कर उनकी राय, सुझाव और भवन से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाएगी। समिति को 15 नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रदेश कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करनी है। इसके बाद भवन के संचालन को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

निकाह में महर को लेकर शरई रहनुमाई पर चर्चा

बैठक में निकाह के दौरान महर की रकम को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ लोगों की ओर से 11 हजार रुपये महर निर्धारित करने और इसे नकद अदा करने का प्रस्ताव सामने आया। इस विषय पर सदस्यों ने स्पष्ट किया कि महर का मामला शरीयत से संबंधित है और इस पर निर्णय धार्मिक मार्गदर्शन के अनुरूप ही होना चाहिए।

बैठक के दौरान मुफ़्ती साहब से फोन पर संपर्क कर शरई मार्गदर्शन लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महर की रकम तय करते समय लड़की की सहमति, दोनों परिवारों की आपसी रजामंदी और शौहर की आर्थिक क्षमता का ध्यान रखना आवश्यक है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि समाज की ओर से महर की कोई निश्चित अधिकतम रकम निर्धारित नहीं की जाएगी। साथ ही, महर के निर्धारण में शरीयत के प्रावधानों और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा तथा इसे अपनी आर्थिक क्षमता के अनुरूप तय करने के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए प्राइमरी स्कूल का प्रस्ताव

शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार मानते हुए सेंट्रल बॉडी के सदस्य जनाब जुनेद अहमद, धमतरी ने बिरादरी के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्राइमरी स्कूल संचालित करने का प्रस्ताव रखा। उपस्थित सदस्यों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया। इस प्रस्ताव को समाज में शिक्षा के प्रसार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

बिरादरी की टेलीफोन डायरेक्टरी बनाने का निर्णय

समाज के लोगों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से बिरादरी की विस्तृत टेलीफोन डायरेक्टरी तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसमें सदस्यों का नाम, पिता का नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर शामिल करने की योजना है। इससे जरूरत के समय एक-दूसरे से संपर्क करना आसान होगा और सामाजिक गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय स्तर के संगठन से जुड़ने की पहल

बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने आगामी समय में आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित विशेष कार्यक्रम में शामिल होने और वहां से मिलने वाले अनुभवों एवं सुझावों को समाज की उन्नति के लिए उपयोग करने की बात कही। इस पहल का उद्देश्य समाज को व्यापक स्तर पर जोड़ना और विकास के नए अवसर तलाशना है।

15 नवंबर को रायपुर में होगी अगली बैठक

सोसाइटी की अगली बैठक 15 नवंबर 2026 को रायपुर के संजय नगर में जनाब अनीस भाई मनिहार के निवास पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में बिरादरी के प्रस्तावित महाधिवेशन के आयोजन स्थल और तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, वर्तमान बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

समाज की तरक्की और एकता के लिए सामूहिक प्रयास

बैठक में प्रदेश संरक्षक हाजी शमीम अहमद, जगदलपुर; शकील अहमद, बिलासपुर; मोहम्मद सईद अहमद, जगदलपुर; प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद असलम अशरफी; प्रदेश सचिव मोहम्मद शहजादा, बिलासपुर; प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद साजिद, राजनांदगांव सहित प्रदेश कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। उपस्थित सदस्यों ने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक भवनों का सदुपयोग करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और बिरादरी को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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