
रायपुर, पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ का जीवन सम्पूर्ण मानवता के लिए दया, न्याय और भाईचारे का आदर्श है। वे केवल मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए करुणा और समानता के प्रतीक हैं। क़ुरआन कहता है: “और हमने तुम्हें केवल जगतों के लिए दया स्वरूप भेजा है।” (सूरा अंबिया:107)
उनकी शिक्षा का सार न्याय, दया, क्षमा, समानता, नारी-सम्मान, पड़ोसी के अधिकार और मानव-सेवा पर आधारित है। उनका संदेश है कि श्रेष्ठता केवल धर्मनिष्ठा और चरित्र से है, न कि जाति, धर्म या रंग से।
इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए “अमन का पैग़ाम” कैंपेन 4 से 15 सितम्बर तक JIH छत्तीसगढ़ की ओर से राज्य-स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द को मज़बूत करना है।
अभियान के तहत आज फूड डिस्ट्रीब्यूशन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ज़रूरतमंदों तक भोजन पहुँचाया गया। यह सेवा कार्य पैग़म्बर ﷺ की उस शिक्षा को जीवंत करता है कि “सबसे उत्तम मनुष्य वह है जो दूसरों को लाभ पहुँचाए।”
अभियान की अपील:
आज की ज़रूरत है कि हम पैग़म्बर ﷺ की शिक्षाओं को अपनाकर एक ऐसा समाज बनाएं जिसमें न्याय, समानता, भाईचारा और करुणा का बोलबाला हो।




