महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सदियों पुरानी घटनाओं को लेकर 21वीं सदी में बदला लेने का आह्वान करना डॉग व्हिसल है

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल पर रविवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी घटनाओं के बदले की बात करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एनएसए का कर्तव्य राष्ट्र की रक्षा करना है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने नफरत की सांप्रदायिक विचारधारा में शामिल होने का विकल्प चुना है। दिल्ली में विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन समारोह में शनिवार को डोभाल ने कहा, ‘भारत को न केवल सीमाओं पर, बल्कि आर्थिक रूप से भी और हर तरह से खुद को मजबूत करना होगा, ताकि हमलों और दमन के दर्दनाक इतिहास का बदला लिया जा सके।’ अपनी पोस्ट में महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि डोभाल जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी, जिनका कर्तव्य देश को आंतरिक और बाहरी नापाक मंसूबों से बचाना है, उन्होंने नफरत की सांप्रदायिक विचारधारा में शामिल होने और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का विकल्प चुना है।’ उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी घटनाओं को लेकर 21वीं सदी में बदला लेने का आह्वान करना एक डॉग व्हिसल है, जो गरीब और अशिक्षित युवाओं को अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए उकसाता है, जो पहले से ही चारों ओर से हमलों का सामना कर रहा है।
NSA अजित डोभाल ने शनिवार को कहा, ‘मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था। आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में पैदा हुए। सदियों तक हमारे पूर्वजों ने इसके लिए बहुत कुर्बानियां और अपमान सहे हैं। भगत सिंह को फांसी हुई, सुभाष चंद्र बोस को जीवन भर संघर्ष करना पड़ा, महात्मा गांधी को सत्याग्रह करना पड़ा और अनगिनत लोगों को जानें देनी पड़ीं। हमारे गांव जले, हमारी सभ्यता को समाप्त किया गया, हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम एक मूक दर्शक की तरह असहाय होकर देखते रहे। यह इतिहास हमें एक चुनौती देता है कि भारत के हर युवक के अंदर आग होनी चाहिए।’
अजित डोभाल ने कहा कि प्रतिशोध शब्द अच्छा तो नहीं है, लेकिन यह अपने आप में बड़ी शक्ति होती है। हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है और हमें इस देश को फिर वहां पहुंचाना है, जहां हम अपने हक, अपने विचार और अपनी आस्थाओं के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें।




