
यौन उत्पीड़न के नए मामले में कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल की गिरफ्तारी के बाद, उनके खिलाफ पहली बार शिकायत दर्ज कराने वाली महिला ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक संदेश पोस्ट किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उस दर्द, और विश्वासघात के बावजूद उन्हें बोलने का साहस दिया जिसे उन्होंने सहा। पीड़िता ने कहा, ‘अंधेरे में जो कुछ किया गया, आपने उसे देखा। आपने उन चीखों को सुना जो कभी दुनिया तक नहीं पहुंचीं।’ उन्होंने कहा कि जब पीड़िताओं के शरीरों का अपमान किया गया और उनके अजन्मे बच्चों को जबरदस्ती छीन लिया गया, तब विश्वास ने ही उन्हें को एक साथ बनाए रखा।
यह बात इन आरोपों को लेकर कही गई है कि मामकूटाथिल ने तीसरे मामले में पीड़िता को गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया था। पीड़िता ने लिखा, ‘हमारे नन्हे फरिश्ते स्वर्ग से हमें क्षमा करें। खासकर गलत लोगों पर भरोसा करने और एक ऐसे व्यक्ति को चुनने के लिए जो हमारे बच्चे का पिता बनने के लायक नहीं है।’ पीड़िता ने कहा कि गर्भपात में मारे गए बच्चों की आत्माओं को हिंसा और डर से मुक्त होकर और पीड़िताओं की रक्षा करने में विफल रही दुनिया से दूर शांति मिले।
गर्भ में मार दिए गए बच्चे के नाम संदेश
पीड़िता ने कहा, ‘अगर हमारे आंसू स्वर्ग तक पहुंचें तो हमारे नन्हे बच्चों को कहना कि आपकी मां ने आपको कभी नहीं भुलाया। आपका होना मायने रखता था, आपकी आत्मा आज भी मायने रखती है। हम मांएं आपको अपने दिलों में संजोकर रखेंगी, जब तक हम फिर से आपसे नहीं मिल लेते।’ पोस्ट लिखने वाली महिला ने सबसे पहले पुलिस से संपर्क किया था। उन्होंने ममकूटाथिल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया और उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया। केरल हाई कोर्ट ने ममकूटाथिल को इस मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। इसके बाद एक और महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। दूसरे मामले में, तिरुवनंतपुरम की एक सत्र अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी।




