8 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में चलेंगी तेज हवाएं, किसान इन बातों का रखें ध्यान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता बढ़ने वाली है। मानसून के अगले 2-3 दिनों में उत्तर अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के बाकी हिस्सों के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में भी 3 और 4 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी 3 जुलाई को भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी बारिश का असर तेज होगा। पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई तक भारी बारिश और 7-8 जुलाई को ‘बहुत भारी’ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 5 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी 3 से 8 जुलाई के बीच अलग-अलग समय पर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
बुलेटिन के अनुसार, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 3 से 5 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में भी 3 से 4 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 3 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जबकि कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए निर्देश जारी किए हैं। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान, मक्का और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। उत्तर प्रदेश में किसानों को मक्का, मूंग और उड़द की तैयार फसल की कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज बनाने और टमाटर, मिर्च जैसी सब्जियों के पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है ताकि वे तेज हवाओं से न गिरें।




