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साइबर ठगी के पीड़ितों को अब मिलेगी कानूनी मदद, ठगी गई रकम की वसूली में भी करेगा विधिक सेवा प्राधिकरण सहयोग

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  • कोरिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बनेगा साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ, पैरालीगल वॉलिंटियर्स को साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से बचाव का दिया गया प्रशिक्षण

एमसीबी. साइबर ठगी के शिकार लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और ठगी गई राशि की वसूली की प्रक्रिया में सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। साइबर अपराध पीड़ित व्यक्ति को विधिक सहायता एवं ठगी गई राशि की वसूली योजना 2026 के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया में साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। यह प्रकोष्ठ पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर बैंक, साइबर पुलिस और न्यायालय के स्तर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई में सहायता प्रदान करेगा। इसी कड़ी में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर सुरक्षा के प्रति आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से पैरालीगल वॉलिंटियर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शुरू हुई पहल
माननीय उच्चतम न्यायालय के 04 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साइबर अपराध पीड़ित व्यक्ति को विधिक सहायता एवं ठगी गई राशि की वसूली योजना 2026 तैयार की गई है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बैकुण्ठपुर में कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य साइबर ठगी के पीड़ितों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना और उन्हें न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग देना है।

साइबर सेल के विशेषज्ञ ने पैरालीगल वॉलिंटियर्स को किया प्रशिक्षित
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगेश पारीक के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के सभागार कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर सेल बैकुण्ठपुर, कोरिया के विशेषज्ञ शिवम सिंह ने सक्रिय पैरालीगल वॉलिंटियर्स को साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचाव और आमजनों को जागरूक करने में पैरालीगल वॉलिंटियर्स की भूमिका पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पैरालीगल वॉलिंटियर्स समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर साइबर ठगी की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही, योजना के अंतर्गत कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले पीड़ितों की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उचित मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।

साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ करेगा बैंक और पुलिस से समन्वय
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरिया में प्रस्तावित साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ में प्राधिकरण की सचिव, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलिंटियर्स, साइबर पुलिस अधिकारी, बैंकों के नोडल अधिकारी और अभिलेख संबंधी कर्मचारी शामिल होंगे। यह प्रकोष्ठ पीड़ितों को कानूनी सहायता देने, पुलिस एवं बैंक के साथ समन्वय स्थापित करने और मामलों की निगरानी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यदि ठगी गई राशि किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंच चुकी है, तो प्रकोष्ठ पीड़ित को संबंधित खातों की पहचान और लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई में सहायता करेगा। इससे साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को शिकायत और कानूनी प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन मिल सकेगा।
इस योजना के लागू होने से साइबर ठगी में अपनी रकम गंवाने वाले लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

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