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बड़ी राहत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया

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आठवें वेतन आयोग और महंगई भत्ता बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत अगर कोई कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृति (Voluntary Retirement) लेता है, तो उसे तत्काल पेंशन का लाभ मिलेगा। पहले अगर कोई कर्मचारी ऐसा करता था को पेंशन पाने के लिए उसे लंब समय तक इंतजार करना पड़ता था।

लेकिन सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से कर्मचारियों को रिटारमेंट के तुरंत बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह फैसला खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत पहुंचा सकती है, जो किसी खास परिस्थितियों में नौकरी पूरी होने से पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृति लेना चाहते हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने लगभग 24 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के ऑप्शन के रूप में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की सुविधा लेकर आई हैं। हालांकि, संगठनों और विशेषज्ञों ने इसमें कई कमियां बताई है। जिसमें एक यह भी शामिल है कि अगर कोई कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृति लेता है, तो उसे वास्तविक सेवानिवृति की उम्र तक पेंशन लाभ नहीं दिया जाएगा।

केंद्र सराकर के कर्मचारियों और पेंशनर्स का बड़ा वर्ग और उनकी यूनियन लंब समय से यह मांग कर रहे हैं कि नेशनल पेमेंट सिस्टम को खत्म किया जाए। सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बंद करते हुए 2004 में NPS को लेकर आई थी। हालांकि, नेशन पेमेंट स्कीम में आर्म्ड फोर्स को शामिल नहीं किया गया था। लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम की घोषणा, जिसमें NPS और OPS के कुछ विशेष प्रावधानों को शामिल कर एक नया विकल्प तैयार किया गया है।

हालांकि, लगभग 5 महीने बीत जाने के बाद भी यूनिफाइड पेंशन स्कीम को खास सफलता नहीं मिली। अब तक केवल 1 प्रतिशत कर्मचारी ही इस नई स्कीम में खुद को शामिल किए हैं, जबकि बड़ी संख्या में कर्मचारी अभी भी पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग कर रहे हैं। यहां बदलाव कर्मचारियों में असंतोष का कारण बना और सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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