छत्तीसगढ़राज्य

बिहान योजना का कमाल: मजदूरी करने वाली उद कुंवर बकरी पालन से बनीं ‘लखपति’, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवागन ने थपथपाई पीठ

पेण्ड्रा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी ला रही है। पेण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम कोडगार की रहने वाली एक कम पढ़ी-लिखी महिला उद कुंवर भानु की सफलता की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। कभी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली उद कुंवर आज खुद का व्यवसाय खड़ी कर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

₹30,000 के लोन और 5 बकरियों से शुरुआत

उद कुंवर भानु के पास पहले आजीविका का कोई ठोस साधन नहीं था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके जीवन में बड़ा बदलाव वर्ष 2017 में आया, जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के तहत ‘जय मां संतोषी महिला स्व सहायता समूह’ से जुड़ीं।

  • पहला कदम: समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सबसे पहले वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  • व्यवसाय की शुरुआत: इसके बाद उन्होंने आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सामुदायिक निवेश निधि (CIF) से ₹30,000 का ऋण लिया और केवल 5 बकरियों से पालन का काम शुरू किया।

‘पशु सखी’ से ली ट्रेनिंग, बढ़ाया कुनबा

बकरी पालन में फायदा दिखने पर उद कुंवर ने अपने काम को और बढ़ाने की ठानी। उन्होंने ₹15,000 का एक और ऋण लेकर कुछ और बकरियां खरीदीं।

काम को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से करने के लिए उन्होंने ‘पशु सखी’ के माध्यम से बकरियों की देखरेख, उनके उचित आहार और प्रबंधन के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बकरियों की समय पर देखभाल और घरेलू दवाइयों से उपचार की विधि सीखी, जिससे बकरियों में बीमारियों का खतरा कम हुआ और उनकी संख्या लगातार बढ़ती गई।

₹1 लाख से अधिक हुई सालाना आय, अब करेंगी मुर्गी पालन

वर्तमान में उद कुंवर के पास कुल 29 बकरियां हैं। वे इन बकरियों को स्थानीय बाजारों में बेचकर अपनी आमदनी को लगातार बढ़ा रही हैं। इस व्यवसाय की बदौलत अब उनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हो चुकी है। अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बाद उद कुंवर यहीं नहीं रुकने वाली हैं, बल्कि उन्होंने अपनी आय को और अधिक बढ़ाने के लिए बकरी पालन के साथ-साथ अब मुर्गी पालन शुरू करने का भी फैसला किया है।

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने किया भ्रमण

उद कुंवर की इस शानदार सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने उनके गांव का दौरा किया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवागन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मुकेश रावटे ने उनके कार्यक्षेत्र का खुद भ्रमण कर उनके कार्यों को करीब से देखा। दोनों ही अधिकारियों ने उद कुंवर के जज्बे, कड़ी मेहनत और उनके आत्मनिर्भर बनने के सफर की जमकर सराहना की और उन्हें अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया

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