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उज्ज्वला के तहत गरीब परिवारों को आधी कीमत पर मिल रही रसोई गैस, सरकार ने कहा- वैश्विक कीमत 1200 रुपये

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नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि वैश्विक बाजार में एलपीजी की कीमत 1200 रुपये प्रति सिलिंडर हो गई है, जबकि उज्ज्वला परिवारों को अभी भी 14.2 किलोग्राम का सिलिंडर 613 रुपये में दिया जा रहा है और सरकार प्रति सिलिंडर 587 रुपये की सब्सिडी दे रही है।

उन्होंने कहा कि असल में उज्ज्वला परिवार गैस के लिए बाजार मूल्य का सिर्फ आधा ही दे रहे हैं। भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों की तुलना में भी काफी कम है। जहां सामान्य परिवार 913 रुपये प्रति सिलिंडर कीमत चुका रहे हैं। वहीं श्रीलंका में रसोई गैस की कीमत 1,241 रुपये प्रति सिलिंडर, नेपाल में 1,207 रुपये प्रति सिलिंडर और पाकिस्तान में 1,046 रुपये प्रति सिलेंडर है।

इस बीच, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। लोगों से आग्रह है कि वे घबराहट में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी करने से बचें। अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत पर भरोसा करें। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का काफी स्टाक उपलब्ध है।

घरेलू जेट फ्यूल के बारे में मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि इस पर लगभग 30 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। लेकिन यह नुकसान अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर बदलता रहता है।
उर्वरक सुरक्षा भी मजबूत

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बताया कि देश में अनाज और खाद्य तेल की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही उर्वरक सुरक्षा भी मजबूत और स्थिर बनी हुई है।

28 मई तक केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टाक एक जुलाई के लिए तय बफर मानक 275.80 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के मुकाबले 513 लाख मीट्रिक टन था। केंद्रीय पूल में चावल का स्टाक भी एक जुलाई के लिए तय बफर मानक 135.40 एलएमटी के मुकाबले 397 एलएमटी था।

खाद्य तेलों की घरेलू उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। इंडोनेशिया व मलेशिया (पाम आयल), रूस व यूक्रेन (सूरजमुखी तेल) और अर्जेंटीना व ब्राजील (सोयाबीन तेल) जैसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं से आयात जारी है।

उर्वरक विभाग के मुताबिक, आयात एवं घरेलू उत्पादन के जरिये करीब 132.43 एलएमटी उर्वरक की उपलब्धता बढ़ाई गई है।

सरकार ने बताया, “देश ने लगभग 25 एलएमटी यूरिया, 15 एलएमटी डीएपी और 10 एलएमटी एपीके पहले ही हासिल कर लिया है। भारत ने 17 एलएमटी यूरिया की खरीद के लिए एक और वैश्विक निविदा जारी की है। देश ने मई में लगभग 25.17 एलएमटी यूरिया का घरेलू उत्पादन किया जो मई, 2025 से 2.80 एलएमटी अधिक है। भारत ने 26 मई तक 3.86 एलएमटी डीएपी का घरेलू उत्पादन भी किया जो मई, 2025 से 2,000 मीट्रिक टन अधिक है।”

 

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