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रैंप योजना से सुकमा के उद्यमियों को मिली डिजिटल कारोबार की नई दिशा

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रायपुर, केंद्र सरकार की रैंप (RAMP) योजना, विश्व बैंक द्वारा समर्थित एक केंद्रीय क्षेत्र की रणनीतिक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के प्रदर्शन, उत्पादकता, और बाज़ार तक पहुंच को बेहतर बनाकर उन्हें प्रतिस्पर्धी और सशक्त बनाना है। केंद्र सरकार की रैंप (RAMP) योजना के तहत सुकमा जिले में स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल कारोबार से जोड़ने के लिए दो दिवसीय डिजिटल इंटीग्रेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों को डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केटिंग की जानकारी देकर उनके व्यवसाय को नई पहचान दिलाना था।

यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य शासन की पहल पर सीएसआईडीसी, रायपुर के बैनर तले चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जनपद पंचायत सुकमा और ग्राम पंचायत कोर्रा में आयोजित किया गया।

100 उद्यमियों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम में कुल 100 उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें जनपद पंचायत सुकमा में 60 और ग्राम पंचायत कोर्रा में 40 प्रतिभागी शामिल रहे।

डिजिटल कारोबार की मिली जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही व्यवसाय को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।

स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष जोर

प्रशिक्षण में महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को अचार, बड़ी, पापड़, मसाले जैसे पारंपरिक उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग, गुणवत्ता सुधार और ऑनलाइन बिक्री के बारे में जानकारी दी गई। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर खुलेंगे।

आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम में उद्यमियों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन

कार्यक्रम को सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर अजय कुमार साहू, बीरसिंह चतुर्वेदी, शाहीन (बीपीएम, जनपद पंचायत सुकमा), चेतन चंद्राकर तथा पत्रिका पटेल (पीआरपी, ग्राम पंचायत कोर्रा) का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डिजिटल उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

रैंप योजना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम सुकमा के स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए डिजिटल कारोबार की नई संभावनाएं लेकर आया है। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा, आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।

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