
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज स्पीकर निवास में आयोजित स्वामित्व योजना अंतर्गत स्वामित्व पट्टा वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ईरा, मनकी, आरला, बांकल एवं कुसमी के 150 हितग्राहियों को स्वामित्व पट्टों का वितरण किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस एवं स्वच्छता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता की चाबी है। उनके कानूनी अधिकार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्षों से ग्रामीण आबादी की भूमि का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2020 को प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना के माध्यम से अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को उसकी आवासीय भूमि का प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक ड्रोन सर्वे एवं डिजिटल मैपिंग के माध्यम से गांवों की आबादी भूमि का सर्वेक्षण किया गया है। अब प्रत्येक मकान एवं भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का विधिवत स्वामित्व प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिले के अनेक गांवों में सर्वे एवं अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा चरणबद्ध तरीके से सभी गांवों में शिविर लगाकर स्वामित्व कार्ड वितरित किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वामित्व कार्ड मिलने से ग्रामीण अपनी संपत्ति का विधिक प्रमाण प्राप्त करेंगे। इसके आधार पर बैंकों से ऋण प्राप्त करना भी आसान होगा, जिससे ग्रामीण आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में अपने घरों की छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सोलर संयंत्र स्थापना पर आकर्षक अनुदान दिया जा रहा है। इससे बिजली का बिल शून्य होने के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड प्राप्त हुआ है, वे इस दस्तावेज के आधार पर बैंक से ऋण लेकर भी सोलर संयंत्र स्थापित कर सकते हैं और योजना का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2020 को प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन तकनीक से गांवों का सर्वे कर डिजिटल नक्शा तैयार किया जाता है तथा संपत्ति का अधिकार अभिलेख प्रदान किया जाता है। कलेक्टर ने बताया कि राजनांदगांव जिले के 654 ग्रामों में प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जाने हैं। इनमें से 186 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। पूर्व में 24 ग्रामों के 1 हजार 283 हितग्राहियों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं तथा शेष ग्रामों में अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि आज 5 ग्रामों के 150 हितग्राहियों को प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किए गए। कलेक्टर ने कहा कि स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलेगा, बैंक से ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी, भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी तथा पंचायतों के पास गांवों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि संपत्ति कार्ड में पति-पत्नी दोनों का नाम दर्ज किए जाने से महिलाओं को भी संपत्ति में समान अधिकार और सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केन्द्र बैंक मार्यादित के अध्यक्ष सचिन बघेल, जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, सौरभ कोठारी, श्रीमती रेखा मेश्राम, सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, एसडीएम श्रीकांत कोराम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।




