छत्तीसगढ़राज्य

बस्तर दशहरा का हुआ समापन, कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

Contact Us :-8962856285 Contact Us :- 9862856285

हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ माता मावली की डोली और दंतेश्वरी माई के छत्र को दी विदाई

रायपुर,

बस्तर दशहरा का हुआ समापन, कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

बस्तर दशहरा का हुआ समापन, कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के 75 दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत समापन मंगलवार को माता मावली की डोली और मां दंतेश्वरी के छत्र की ससम्मान विदाई के साथ हुआ। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के राजमहल परिसर स्थित ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर में परंपरागत विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इसके उपरांत पुलिस के जवानों ने माता को सलामी दी। विदाई के इस पावन और भावुक क्षण में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ माता को अत्यंत आत्मीय विदाई दी, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

बस्तर दशहरा का हुआ समापन, कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

माता की इस ऐतिहासिक विदाई यात्रा के लिए दंतेश्वरी मंदिर परिसर और विदाई मार्ग को लगभग डेढ़ क्विंटल गेंदे, गुलाब और बासंती फूलों की सुंदर पंखुड़ियों से सजाया गया था। डोली के प्रस्थान के समय उपस्थित जनसमुदाय और श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच माता पर गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्पवर्षा कर आस्था के साथ विदा किया। इस धार्मिक विधान में बेल और सागौन की लकड़ी से निर्मित करीब 15 साल पुरानी डोली आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसमें करीब चार किलो चांदी, दोनों ओर चांदी की प्रतिमाएं और 45 चांदी के गुब्बे जड़े हुए हैं।

परंपरा अनुसार बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद्र भंजदेव और श्रद्धालुओं ने माता की करीब 20 किलो वजनी डोली को कंधों पर उठाकर जिया डेरा तक पहुंचाया, जिसके बाद डोली और छत्र को दंतेवाड़ा के लिए विदा किया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर पहुंचे दर्शनार्थियों को 76 किलो बूंदी और लड्डू से तैयार किए गए 5 हजार से अधिक पैकेटों में प्रसाद का वितरण किया गया। साथ ही माता को विदाई रस्म के तहत 25 किलो चावल, 11 किलो दाल, घी, मसाले और श्रृंगार सामग्री भेंट स्वरूप अर्पित की गई।

ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के 75 दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अनेक देवी-देवताओं की उपस्थिति में संपन्न हुए उक्त आयोजन के साथ ही बस्तर के इस अनूठे पारंपरिक पर्व का औपचारिक समापन हो गया। इस मौके पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा, सांसद बस्तर एवं अध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति श्री महेश कश्यप, उपाध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति श्री बलराम मांझी सहित मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, नाईक-पाईक और अन्य सदस्य समेत कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button