सिपेट रायपुर द्वारा दुर्ग में एमएसएमई के लिए “ग्रीन पैकेजिंग: अवसर एवं व्यावहारिक पहल” विषय पर कार्यशाला का आयोजन
विशेषज्ञों ने सतत पैकेजिंग, शासकीय योजनाओं एवं औद्योगिक विकास के अवसरों पर किया मार्गदर्शन

दुर्ग, 26 अक्टूबर 2026। केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), रायपुर द्वारा लघु उद्योग भारती, दुर्ग के सहयोग से दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को अमित इंटरनेशनल, सुपेला, भिलाई, दुर्ग में “ग्रीन पैकेजिंग: एमएसएमई के लिए अवसर एवं व्यावहारिक पहल” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार की Raising and Accelerating MSME Performance (RAMP) योजना के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यशाला को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), दुर्ग का सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर डॉ. सिपी दुबे, प्रदेश अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, छत्तीसगढ़; डॉ. आलोक साहू, प्रधान निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट रायपुर; श्री संजय सिंह, सहायक उद्योग संचालक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग; श्री आनंद वर्धन, वरिष्ठ सलाहकार, अर्न्स्ट एंड यंग (EY), CSIDC, रायपुर सहित लघु उद्योग भारती, दुर्ग के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. आलोक साहू, प्रधान निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट रायपुर ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग सामग्री एवं सतत पैकेजिंग तकनीकों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच हरित पैकेजिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें नवीन तकनीकों एवं व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में एमएसएमई विकास, शासकीय योजनाओं, पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग तथा औद्योगिक प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की गई।
श्री संजय सिंह, सहायक उद्योग संचालक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग ने “परियोजना प्रमाणन की प्रक्रिया एवं छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग विभाग द्वारा एमएसएमई के लिए संचालित योजनाएँ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने परियोजना प्रमाणन की प्रक्रिया तथा उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।
श्री आनंद वर्धन, वरिष्ठ सलाहकार, अर्न्स्ट एंड यंग (EY), CSIDC, रायपुर ने “सतत ग्रीन पैकेजिंग का परिचय” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता तथा एमएसएमई के लिए इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
श्री स्वाति अग्रवाल, सहायक निदेशक, एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (MSME-DFO), रायपुर ने “भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा एमएसएमई उद्योगों को प्रदान की जाने वाली सहायता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने एमएसएमई के विकास, विस्तार एवं सशक्तीकरण के लिए उपलब्ध विभिन्न शासकीय योजनाओं तथा संस्थागत सहायता तंत्र की जानकारी प्रदान की।
डॉ. राजश्री विजयवर्गीय, सिपेट रायपुर ने “सर्कुलर पैकेजिंग: कृषि उप-उत्पादों को सतत बायोपॉलिमर में परिवर्तित करना” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कृषि अपशिष्ट एवं कृषि अवशेषों के उपयोग से पर्यावरण अनुकूल बायोपॉलिमर आधारित पैकेजिंग सामग्री विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृषि उप-उत्पादों का प्रभावी उपयोग करके अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम में श्री अनिल बकलीवाल, कोषाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, छत्तीसगढ़; श्री संजय मिश्रा, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, दुर्ग; तथा सुश्री रश्मि वर्मा, अध्यक्ष, महिला विंग, लघु उद्योग भारती, दुर्ग ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने औद्योगिक विकास, प्रभावी प्रबंधन, शासकीय अनुदान एवं सब्सिडी तथा श्रम कानूनों के अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि उचित प्रबंधन, नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन तथा उपलब्ध शासकीय सुविधाओं का प्रभावी उपयोग एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उद्योग से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की तथा विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस कार्यशाला ने उद्यमियों को हरित पैकेजिंग तकनीकों, सतत विकास तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध शासकीय सहायता योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का उपयोगी अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल समन्वय सिपेट रायपुर की टीम के श्री रवि कुमार एवं श्री बी. श्रीनिवास राव द्वारा किया गया। कार्यशाला के आयोजन में लघु उद्योग भारती, दुर्ग तथा सहभागी संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।



