छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला गुलेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन, 500 महिलाओं ने लिया भाग

Contact Us :-8962856285 Contact Us :- 9862856285

अभनपुर के चांदी स्थित सतनाम भवन में छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला गुलेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस अनूठे आयोजन में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास आयोग की अध्यक्ष डॉ. वणिका शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में डॉ. उदयभान सिंह चौहान (भागीरथ राज्य निर्माण), डॉ. छगनलाल सोनवानी, योगाचार्य मंगल सिंह उरांव, स्थानीय सरपंच एवं अन्य सम्माननीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई।

यह आयोजन नेकी की कुटिया, आशा लक्ष्य फाउंडेशन सहित सात सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में चंदन टोपो के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में यशोदा गोस्वामी, संजीव यादव, समीक्षा त्रिपाठी, रोशनी मिश्रा एवं अनेक स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

प्रतियोगिता में रायपुर, सरगुजा तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विशेष बात यह रही कि 5 वर्ष से लेकर 75 वर्ष तक की महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिससे नारी शक्ति का अद्भुत उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने कहा कि गुलेल केवल एक पारंपरिक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा से जुड़े ऐसे खेलों को नई पहचान देने की आवश्यकता है तथा गुलेल प्रतियोगिता को राष्ट्रीय खेलों और भविष्य में ओलंपिक स्तर तक पहचान दिलाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की सभी पंचायतों में सांसद, विधायक, जिला प्रतिनिधि एवं सरपंचों के सहयोग से इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल सके और खेल संस्कृति को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

यह आयोजन अपने आप में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक पहल साबित हुआ, जिसने महिला सशक्तिकरण, आत्मरक्षा और भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक नई शुरुआत की।

Related Articles

Back to top button