
रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विभिन्न सामाजिक एवं संस्थागत स्थलों पर ध्वजारोहण, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र की अस्मिता, संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जयस्तंभ चौक स्थित प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थल पर ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद संत गुरु घासीदास नगर, घड़ी चौक स्थित शहीद वीर नारायण सिंह परिसर में व्यापारी संघ के सहयोग से ध्वजारोहण किया गया। यह स्थल छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों का भी साक्षी रहा है।
इसके पश्चात ऐतिहासिक शुक्ला भवन, बुढ़ापारा में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित हुआ। वहीं माता कौशल्या बिहार, जय श्रीराम नि:शुल्क सैन्य प्रशिक्षण केंद्र, 13 सेक्टर चौक में सेवानिवृत्त सैनिक पन्नालाल सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं के बीच भी ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
सृष्टि दिव्यांग स्कूल में भी ध्वजारोहण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में सामाजिक कार्यकर्ता एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए सर्वसमाज समन्वय से जुड़े डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने अतिथि के रूप में सहभागिता की। वे छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मार्गदर्शक तथा उदय चैरिटी वेलफेयर फाउंडेशन के मार्गदर्शक के रूप में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
इस अवसर पर डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने राष्ट्र, समाज, युवा प्रगति, विकास, संस्कार, शिक्षा, सेवा, प्रकृति और मानव जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को याद करने का दिन भी है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ राष्ट्र की एकता, संस्कृति और स्वाभिमान को मजबूत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र पांडे, सुषमा पटनायक और परमजीत सलूजा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
‘हर घर तिरंगा-वंदे मातरम्’ ने बांधा समां
शाम 7 बजे डॉ. आंबेडकर-गुरु घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाशी मंच पर ‘हर घर तिरंगा-वंदे मातरम्’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रिखी क्षत्री एवं लोक कलाकारों द्वारा लगभग 30 मिनट की संगीत प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकभाषा में वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा का संदेश दिया गया।
लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का सुंदर एवं भावपूर्ण चित्रण किया। कार्यक्रम में डॉ. उदयभान सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए 15 अगस्त की शुभकामनाएं दीं और सभी कलाकारों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।



