
रायपुर/जगदलपुर। बस्तर में परिवहन व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। बस्तर परिवहन संघ (BPS) की कार्यप्रणाली, वाहनों की कथित ब्लैकलिस्टिंग और स्वतंत्र परिवहन व्यवस्था में दखल के विरोध में करीब 300 परचून ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन महाबंद की घोषणा की है।
ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि पूर्व में हुए समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि वाहनों को रोकने और कथित तौर पर ब्लैकलिस्ट किए जाने के कारण परिवहन कारोबार प्रभावित हो रहा है तथा व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आवश्यक सामान की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका
महाबंद लंबा खिंचने की स्थिति में रायपुर से बस्तर संभाग तक रोजाना पहुंचने वाली आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इनमें खाद्यान्न, अनाज, किराना सामान, दवाइयां, स्वास्थ्य उपकरण, ऑटो पार्ट्स और गैरेज से जुड़ी सामग्री शामिल हैं।
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने का सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों पर भी पड़ सकता है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बावजूद विवाद कायम
ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासनिक स्तर पर हुई मध्यस्थता के बावजूद विवाद दोबारा सामने आने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि पहले हस्तक्षेप के बाद समाधान हो चुका था, तो फिर महाबंद की स्थिति क्यों बनी, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने शासन और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करने तथा स्वतंत्र परिवहन व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
महाबंद का ऐलान राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ परचून परिवहन संघ और संबद्ध ट्रांसपोर्ट संगठनों की ओर से किया गया है।



