देश

रेलवे ने किन 2 ट्रेनों में खत्म की RAC टिकट की व्यवस्था? स्लीपर कोच का किराया भी बदला

Contact Us :- 9862856285 Contact Us :- 9862856285

स्लीपर क्लास के लिए कम से कम 200 किमी का किराया देना होगा, जो 149 रुपये है। सेकंड क्लास के लिए, न्यूनतम किराया 50 किमी तय किया गया है, यानी 36 रुपये। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लगेंगे।

Railway RAC Ticket New Rules: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाने के लिए अपने टिकटिंग और कोच नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब कुछ चुनिंदा श्रेणियों की ट्रेनों में आरएसी (RAC) सीट का प्रावधान पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को आधी सीट पर सफर करने की मजबूरी से निजात मिलेगी। रेलवे के द्वारा अमृत भारत और वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेन में आरएसी टिकट की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई है। रेलवे बोर्ड ने 9 जनवरी को जारी अपने सर्कुलर में कहा, “वंदे भारत स्लीपर के लिए न्यूनतम चार्ज होने वाली दूरी 400 किमी होगी। इस ट्रेन के लिए सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसलिए RAC/वेटलिस्टेड/आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के दिन से उपलब्ध होंगी।” इसके अलावा भारतीय रेल जल्द ही जनवरी 2026 से बिल्कुल नई अमृत भारत II एक्सप्रेस शुरू करने की घोषणा करेगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक हालिया पत्र के अनुसार, इन नई ट्रेनों का किराया स्ट्रक्चर और बुकिंग नियम पिछली अमृत भारत ट्रेनों से थोड़े अलग होंगे। नए नियमों के तहत, बेसिक किराया नहीं बदला है, लेकिन न्यूनतम दूरी के नियमों को अपडेट किया गया है। नए नियमों के अनुसार, स्लीपर क्लास के लिए कम से कम 200 किमी का किराया देना होगा, जो 149 रुपये है। सेकंड क्लास के लिए, न्यूनतम किराया 50 किमी तय किया गया है, यानी 36 रुपये। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लगेंगे। अगर कोई यात्री सिर्फ 100 किमी की यात्रा करता है, तो भी उसे स्लीपर क्लास में 200 किमी का न्यूनतम किराया देना होगा। इसके अलावा, अब स्लीपर क्लास में सिर्फ तीन कैटेगरी के कोटा मिलेंगे। महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और सीनियर सिटिजन। इस ट्रेन में कोई दूसरा कोटा लागू नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने सीनियर सिटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए लोअर बर्थ शुरू की हैं। सिस्टम 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के पुरुषों और 45 साल या उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को लोअर बर्थ देने की कोशिश करेगा। बर्थ का अलॉटमेंट उपलब्धता के आधार पर होगा।

Related Articles

Back to top button