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फूलों की खुशबू, आमों की बहार और आधुनिक तकनीक से सजी शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री

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रायपुर,  मई की झुलसाती गर्मी में जहां लोग पेड़ों की छांव और ठंडी हवा की तलाश में भटकते नजर आते हैं, वहीं राजनांदगांव शहर के पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में कदम रखते ही मौसम का मिजाज बदला-बदला सा महसूस होता है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी क्यारियां, फलों से लदे वृक्ष और हरियाली से आच्छादित परिसर यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुकून और ताजगी का एहसास कराते हैं।

आमों की बहार और आधुनिक तकनीक से सजी शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री

ग्रीष्म ऋतु के बावजूद पेण्ड्री की यह बगिया इन दिनों पूरी तरह खिली हुई है। गुलाब, गंधराज, हरसिंगार, चंपा और बोगनविलिया की महक से वातावरण सुवासित है। वहीं आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा और बाम्बेग्रीन जैसी आम की प्रजातियों से लदे पेड़ उद्यान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।
पेण्ड्री की यह रोपणी केवल सुंदरता का केंद्र नहीं है, बल्कि आधुनिक उद्यानिकी और उन्नत कृषि तकनीक का भी महत्वपूर्ण केन्द्र बन चुकी है। यहां स्थापित प्लग टाइप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। जापानी पद्धति पर आधारित इस यूनिट में तापमान, नमी और प्रकाश को नियंत्रित कर पौध तैयार किए जाते हैं, जिससे कम समय में बेहतर गुणवत्ता वाले अंकुरित पौधे मिलते हैं। इन दिनों यूनिट में योगी नामधारी मिर्च की पौध तैयार की जा रही है। किसान स्वयं अपने बीज यहां देकर थरहा तैयार करवा रहे हैं। डीएमएफ मद से यूनिट के जीर्णाेद्धार के बाद यहां फिर से बड़े पैमाने पर किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आमों की बहार और आधुनिक तकनीक से सजी शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री

इस आधुनिक तकनीक की खासियत यह है कि इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता। नारियल बुरादा, परलाईड और वर्मी कोलाईट जैसे माध्यमों से पौध तैयार किए जाते हैं। मशीनरी स्वींग मेथड से बीजों का अंकुरण किया जाता है, जिससे पौधे रोगमुक्त और एक समान वृद्धि वाले बनते हैं। टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, खीरा, करेला, लौकी और कद्दू जैसी सब्जियों की पौध यहां तैयार की जा रही है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पद्धति से तैयार पौधों की खेत में जीवित रहने की क्षमता अधिक होती है और फसल जल्दी तैयार होती है। यही कारण है कि अब किसान आधुनिक सीडलिंग तकनीक की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पेण्ड्री की समृद्ध नर्सरी में फलदार, छायादार और सजावटी पौधों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, चीकू और मुनगा जैसे पौधों के साथ अशोक, सिल्वर ओक, कदम और पीपल जैसे वृक्ष भी मिलते हैं। वहीं जरबेरा, रजनीगंधा, कनेर, यूफोर्बिया, एक्जोरा और मनीप्लांट जैसे सजावटी पौधे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। पेण्ड्री की यह बगिया केवल हरियाली का ठिकाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए आधुनिक खेती की प्रयोगशाला बन गई है।

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